इच्छा ना होना

इच्छा ना होने का आयुर्वेदिक उपचार

इच्छा ना होने की समस्या क्या है ?

समय के अनुसार शारीरिक संबंधों में रूचि कम होनी आम समस्या है तथा इस इच्छा का स्तर जीवन में परिवर्तित होता रहता है। यह भी आम होता है कि आपकी महिला साथी की सम्भोग की इच्छा का समय आपकी इच्छा के समय से मेल ना खाए। हलाँकि, लम्बे समय के लिए जिस्मानी संबंधों की कम इच्छा कुछ लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। शारीरिक संबंधों की कम इच्छा कई बार नज़रअंदाज़ होती आधारभूत हो रही स्वास्थ्य की स्थितयों का एक संकेत हो सकता है।

जब किसी पुरुष की सेक्स या सम्भोग करने की रूचि में निरंतर कमी आती जाती है, जिसका उसके जीवन में प्रभाव पड़ रहा है और वह संकट पैदा कर रहा हो, तो उसे कम यौन इच्छा की समस्या माना जाता है। यौन इच्छा की हानि को चिकित्सा की भाषा में हाइपोएक्टिव लैंगिक इच्छा विकार(एचएसडीडी) के रूप में जाना जाता है। जैसे-जैसे पुरुष बूढ़े हो जाते हैं वैसे-वैसे पुरुषों में यौन संबंधों की इच्छा कम हो जाती है। सेक्स की इच्छा का अभाव किसी भी जोड़ी के बीच स्वस्थ संबंध को नुकसान करता है।

शारीरिक संबंधों की कम इच्छा के कारण:-

1. मनोवैज्ञानिक कारण:-

रोजमर्रा के जीवन के तनाव से थकान और चिंता, रिश्तों या परिवार की समस्याओं, अवसाद, मानसिक विकार और कई अन्य कारक हैं जो यौन संबंध रखने की इच्छा को प्रभावित कर सकते हैं।

2. चिकित्सीय समस्याएँ:-

मधुमेह संबंधी रोग, मोटापे जैसी स्थिति, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, एचआईवी की दवाइयां, बालों के झड़ने को रोकने के उपचार और अन्य दवाओं की यौन इच्छा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।

3. हार्मोन्स के कारण:-

आम तौर पर कम टैस्टेसट्रोन का मतलब है कम यौन इच्छा है। इसके स्तर को कम करने में पुरुष की बढ़ती उम्र, पुराणी बीमारी सहित अन्य कारण, दवाएं तथा अन्य नशे शामिल होते हैं। अन्य हार्मोन भी टैस्टेसट्रोन के स्तर को कम करने में एक भूमिका निभा सकते हैं, जैसे कि थायराइड हार्मोन के कम स्तर, या प्रोलैक्टिन का कभी-कभी उच्च स्तर, मस्तिष्क के आधार पर एक ग्रंथि में उत्पादित एक हार्मोन ईत्यादि।

जोड़े के बीच स्वस्थ शारीरिक संबंध आपसी प्यार को बढ़ते हैं। पर जब ऐसा नहीं होता, तो आपको इसके बारे में चिंतित होना चाहिए।

इस समस्या को ठीक समय पर ठीक किया जाना चाहिए, अन्यथा जोड़ी के बीच के संबंध को बर्बाद न हो जाए। हालांकि एलोपैथिक उपचार इस समस्या के लिए सफल नहीं हो सकता है, लेकिन आयुर्वेद में इस समस्या का सफल समाधान और उपचार है।