वीर्य में शुक्राणु की कमी होना बहुत से नौजवानों  के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यह बीमारी सुनने में बहत्त आम प्रतीत होती है, परन्तु इसके परिणाम काफी गंभीर हैं। कुछ लोग वीर्य के पतला होना या वीर्य में शुक्राणु अनुपस्थित होने के कारण मानसिक तनाव से ग्रस्त हो जाते हैं और कुछ लोग नील शुक्राणु होने के कारण संतान सुख नहीं भोग पाते हैं। शुक्राणुओं का निर्माण ना होने अथवा वीर्य कि गुणवता सही ना होने के कारण पुरुषों में नपुंसकता को पैदा होने लगती है। वीर्य में शुक्राणुओं की कमी होने पर शुक्राणु के स्त्री के अंडाणु से क्रिया कर पाने के अवसर कम जाते हैं और इस कारण इस बीमारी से ग्रस्त पुरुष को संतान सुख प्राप्त नहीं हो पता। सामान्य रूप से आपके 1 ml वीर्य में 20 लाख से अधिक शुक्राणु मौजूद होने चाहिए। इसी प्रकार जिन व्यक्तियों के वीर्य में 15 लाख से कम शुक्राणु उपलब्ध होते हैं कि वह व्यक्ति कम शुक्राणुओं कि बीमारी से ग्रस्त हैं।

 शुक्राणुओं कि कमी के मुख्य कारण:-

शुक्राणु की कमी या नील शुक्राणु होने की समस्या के पीछे बहुत से कारण हो सकते है। इन सभी में कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं।

  1. आपके शरीर में मौजूद हॉर्मोन्स कीकमी या उनका असंतुलित होना
  2. आपके वीर्य का संक्रमित होना
  3. आपकी प्रॉस्टेट ग्रंथि में इन्फेक्शन होना
  4. अंडकोष में मौजूद रक्त वाहनियों का बढ़ जाना
  5. किसी चोट के कारण आपके लिंग को नुकसान पहुंचना
  6. शराब, धुम्रपान, तम्बाकू अथवा किसी अन्य प्रकार के नशीले पदार्थ का उपयोग करना
  7. स्टेराइड्स का इस्तेमाल करना
  8. मोटापा
  9. मानसिक तनाव होने के कारण
  10. रेडीयेशन अथवा विकिरणों के हानिकारक प्रभाव के कारण
  11. बहुत अधिक हस्तमैथुन करना

उपर दिए गए इन कारणों के अलावा आपकी पेंट कि जेब में मौजूद मोबाइल तथा गोद में रखा आपका लैपटॉप भी सेक्स समस्याओं के लिए ज़िमेदार हैं। हमारे यहाँ हम पूर्ण रूप से प्राक्रतिक तथा शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों/औषदियों का उपयोग कर आपकी सभी सेक्स से संबंधित समस्यायों का ईलाज करते हैं। यदि आप किसी भी प्रकार की बीमारी से पीड़ित हैं तो आप हमारे विशेषज्ञ से निःशुल्क परामर्श हासिल कर सकते हैं। हमारे डॉक्टर पुरे पंजाब में मशहूर सेक्स समस्याओं के माहिर हैं।