इच्छा ना होना

इच्छा ना होने का आयुर्वेदिक उपचार

कामेच्छा की कमी क्या है ?

कम कामेच्छा का अर्थ है यौन संबंधों की कमी या संभोग करने में रुचि समाप्त हो जाना। यद्यपि कम कामेच्छा दोनों लिंगों को प्रभावित कर सकती हैं, परन्तु पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह सामान्यतः अधिक देखी जाती है। सेक्स में रुचि खोना पुरुषों के लिए उतनी आम घटना नहीं होती है, जीतनी यह महिलाओं के लिए होती है। क्योंकि यह लगभग 15% से 16% पुरुषों को प्रभावित करती है और कम से कम दुगुनी महिलाओं को प्रभावित करती है।

स्त्रियों में कामेच्छा की कमी या कम सेक्स ड्राइव हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिज़ायर डिसऑर्डर(एचएसडीडी) या महिला कामेच्छा या फीमेल अरौसल डिसऑर्डर(ऍफ़एडी) कहा जाता हैं। यह जीवन के कुछ मोड़ों पर कुछ महिलाओं को प्रभावित करती है, जैसे कि गर्भावस्था के दौरान, बच्चा होने के बाद या तनाव के समय। लेकिन कुछ महिलाएं इसे हर समय अनुभव करती हैं और यह एक समस्या है। क्योंकि सेक्स की इच्छा का अभाव किसी भी जोड़ी के बीच स्वस्थ संबंध को नुकसान करता है।

सेक्स ड्राइव की कमी में शारीरिक या मनोवैज्ञानिक कारणों की एक श्रृंखला हो सकती है:-

  • संबंध में समस्या
  • डिप्रेशन
  • मानसिक या शारीरिक आघात
  • थकान
  • तनाव
  • हार्मोन विकार
  • शराब और नशीली दवाओं का उपयोग
  • होर्मोन का स्तर कम हो जाना
  • उम्र के साथ
  • रजोनिवृति
  • स्तनपान के दौरान
  • किसी प्रकार का रोग और उसकी दवाएं
  • दवाएं, गर्भनिरोधक

महिला के प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिर जाने पर सेक्स ड्राइव भी गिर सकता है। टेस्टोस्टेरोन का अंडाशय और अधिवृक्क ग्रंथियों में उत्पादित किया जाता है, इसलिए यदि वे हटाए जाते हैं या वे ठीक से कार्य नहीं कर रहे हैं तो स्तर गिर सकता है। शारीरिक संबंधों के दौरान होने वाली समस्याएं जैसे कि दर्द होना, अच्छा न लगना, पहले की गई ज़बरदस्ती, ओर्गास्म न होना, मज़ा न आना, आदि भी कारण हो सकता है।

जोड़े के बीच स्वस्थ शारीरिक संबंध आपसी प्यार को बढ़ते हैं। पर जब ऐसा नहीं होता, तो आपको इसके बारे में चिंतित होना चाहिए।

इस समस्या को ठीक समय पर ठीक किया जाना चाहिए, अन्यथा जोड़ी के बीच के संबंध को बर्बाद न हो जाए। हालांकि एलोपैथिक उपचार इस समस्या के लिए सफल नहीं हो सकता है, लेकिन आयुर्वेद में इस समस्या का सफल समाधान और उपचार है।

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