मासिक धर्म के विकार

मासीक धर्म के विकारों के लिए आयुर्वेदिक उपचार

अधिकांश महिलाएँ मासिक धर्म के रोगों से पीड़ित हैं। कई महिलाएं तो इतना निराश हो जाती हैं कि वह इस बीमारी को कभी नहीं ठीक हो सकने वाली और अपने जीवन के एक भाग के रूप में समझने लगती हैं। कुछ महिलाएँ अपने मासिक धर्म के दौर से आसानी से निकल जाती हैं या इसकी कोई चिंता नहीं करती। उनका मासिक धर्म का चक्र हर महीने उसी समय के आस-पास शुरू और बंद होता है, जिसके कारण कुछ कम-ज्यादा असुविधा होती है।

हालांकि, अन्य महिलाओं को मासिक धर्म से पहले और दौरान बहुत से शारीरिक और / या भावनात्मक लक्षण महसूस होते हैं। भरी रक्त निकलना, मासिक धर्म के चक्र का छूट जाने आदि से अनजाने बदलाव आदि, यह लक्षण मुख्य रूप से एक महिला का जीवन खराब कर सकते हैं।

मासिक धर्म के रोगों की किस्में:-

यदि आप अपने मासिक धर्म से पूर्व या इसके दौरान एक अथवा एक से अधिक लक्षण महसूस करती हैं, तो यह परेशानी पैदा करता है। आपको मासिक धर्म के विकार हो सकते हैं। इन विकारों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • गर्भाशय से अनियमित खून निकलना (AUB), जिस में मासिक धर्म के दौरान भारी खून बहना, मासिक धर्म के खून ना निकलना (एमनेरोरिया) या मासिक धर्म के दौरान खून बहना (अनियमित माहवारी खून बहना)
  • डाइसनामोरिया (दर्दनाक मासिक धर्म चक्र)
  • प्रिमारस्ट्रयल सिंड्रोम (पीएमएस)
  • प्रिमारस्ट्रयल डिस्फोनिक डिसऑर्डर (पी.एस.डी.डी.)

ज्यादातर मासिक धर्म चक्रों की समस्याओं के सीधे स्पष्टीकरण हैं और इसके लक्षण दूर करने के लिए कई उपचारों के विकल्प मौजूद हैं। यदि आप मासिक धर्म की परेशानी को बहुत अधिक महसूस कर रही हैं, तो अपने लक्षणों के साथ अपने स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से बात करें।

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