जीवनसाथी के साथ इच्छा होते भी लिंग मे तनाव ना आना, अगर लिंग मे तनाव आ भी जाये तो जल्दी वीर्य का निकल जाना और पूरी तरह से साथी को सन्तुष्ठ ना कर सकना, इससे भी घरेलू जिंदगी नष्ट होने के करीब पहुंच जाती है. पूरी तरह से जिदगी मे लिंग मे तनाव(कठोरपन) ना आना, अगर आये तो ज्यादा समय तक लिंग मे तनाव(कठोरपन) न रहना.
किसी लम्बी बिमारी के बाद या चोट लगने से नपुंसकता हो सकती है. इसको नामर्दी भी कहा जाता है. दुनिया मे ये बहुत बड़ी बिमारी है. अगर इसका इलाज किया जाये तो जीवन सुखी और खुशहाल बन जाता है.