स्वप्नदोष वो प्रक्रिया है जिसमे नींद की अवस्था में वीर्यपात ( Ejaculation ) हो जाता है। स्वप्नदोष में युवक जिस तरह से सामान्य हालातों में चरम सुख का आनंद लेते हुए संभोग की चरम सीमा पर पहुंचता है ठीक उसी प्रकार स्वप्न देखते हुए संभोगरत होने का सपना देखते हुए वह स्खलित हो जाता है। इसी दोष को स्वप्नदोष कहते हैं। सवपदोष एक ऐसी प्रॉब्लम है जो की एक युवा मर्द से लेकर एक 30 साल के नौजवान को होती है। यह एक ऐसी चीज़ है जिसका इलाज आयुर्वेदिक दवा से हो सकता है। जब हम अपनी किशोरावस्था से यौवन काल में प्रवेश करते हैं तो हमारे शरीर में मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन बनने शुरू हो जाते है। इन हार्मोन के बनने के बाद यौनांग कार्यशील हो जाते  है और हमारा लिंग उन्नत होना शुरू हो जाता है। जिससे की हमारे शुक्राणु सक्रिय हो जाते हैं यां हम सरल शब्दों में कह सकते हैं कि संतान पैदा करने की क्षमता पैदा हो जाती है।

यदि महीने मे 3-4 बार स्वयं ही वीर्य संखलित हो जाता है, तो रोगी यह सामान्य है, परन्तु यदि वीर्य संखलन इससे ज़्यादा बार हो तो यह गंभीर विषय है। इस होने से रोगी व्यक्ति का शरीर कमजोर पड़ने लग जाता है, सिर मे दर्द और शरीर मे सुस्ती होने लग जाती है। इसलिए इस रोग का जल्द से जल्द ईलाज आवश्यक है। अन्यथा रोगी के स्वास्थ्य कमज़ोर होता है और शरीर मे कई तरह अन्य रोग होने लग जाते हैं।

इसलिए यदि आप भी इस बीमारी से परेशान हैं, तो आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप हमसे सम्पर्क कर इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। हमारे यहां आपका ईलाज पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक और प्राकृतिक औषधियों से करते हैं, जिनके आपके शरीर पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ते।